Thursday, 19 February 2026

सिर्फ अल्लाह से मदद

 इमाम अली फ़रमाते हैं रसूल-ए-ख़ुदाﷺ ने फ़रमाया अल्लाह ताला ने फ़रमाया है:

“कहो "इय्याका नाबुदो व इय्याका नस्तईन" 

"हम सिर्फ तेरी इताअत और बंदगी पर तुझ ही से मदद चाहते हैं", 

और तेरे दुश्मनों के मुकर और शर को दूर करने में भी "ए अल्लाह! सिर्फ तुझ ही से मदद मांगते हैं, और जो कुछ तो हुक्म दे, हुक्म तेरा ही हुक्म है"।

और वह हज़रत जिबरईल के वास्ते से, अल्लाह अज़्ज़ोजल्ल की तरफ़ से फ़रमाते हैं।

“ए मेरे बंदो तुम सब गुमराह हो, मगर वो जिसे मैं हिदायत दूं; पस मुझ ही से हिदायत तलब करो ताकि मैं तुम्हें हिदायत दूं

और तुम सब फ़क़ीरऔर मुहताज हो, मगर वह जिसे मैं ग़नी कर दूं; पस मुझ ही से बेनियाज़ी और घिना माँगो ताकि मैं तुम्हें रिज़्क़ दूं।

और तुम सब गुनाह-गार हो, मगर वह जिसे मैं गुनाह की खाई में गिरने से बचा लूं; पस मुझ ही से मग़फ़िरत और बख़शिश माँगो ताकि मैं तुम्हें बख़श दूं।

और जो शख़्स यह जान ले कि मैं मग़फ़िरत और बख़शिश पर क़ादिर हूँ, और मेरी क़ुदरत के भरोसे पर मुझसे मग़फ़िरत मांगे, तो मैं उसे बख़श देता हूँ और मुझे कोई परवाह नहीं।

(बिहारुल अनवार, जिल्द 89, सफा 252 )

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